Lahore Ichra Case-CCD Kya Karny Ja Rahi Hai | Rida Konsa Nasha Karti Thi? | Aik Digital
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एक तो वो किसी मर्द के नशे में थी और मुझे
लगता है दूसरे नशे में भी थी। तो उसने उस
हालत में जो है बच्चे जिबा कर दिए हैं।
केस जो है वो अब पुलिस से सीसीडी के हवाले
कर दिया गया है और अब इस खातून के साथ
सीसीडी क्या करती है? ओपन एंड शर्ट केस है
और वो मान रही है जुर्म कि ये इस तरह का
क्राइम है कि इसको कैसे कंट्रोल किया जा
सकता है कि जब एक मां से उसके बच्चे महफूज़
नहीं है।
ये जो खातून है जिसने अपने तीन बच्चे जिबा
किए [संगीत] हैं ये तो जो औरत का एक
मुकद्दस रुतबा है उसके माथे पे कलंक का
टीका है। अब सीसीडी जो है
अभी अपनी तफ्तीश में तो कह रही है कि मैं
इसमें अकेली हूं। मगर उस शख्स ने ये कहा
कि उसको बच्चे नहीं चाहिए। पुराने ससुराल
बच्चे फेंकने गई है। उन्होंने बच्चे लेने
से इंकार कर दिया। अपने जो है ना वो मैके
को कहती है वो बच्चे नहीं संभाल रहा। अब
मां एक वाहिद वो हस्ती थी कि जिसने उन
बच्चों की परवरिश करनी थी और लेकिन मां जो
है ना दिल बर्दाश हुई उसने कहा मैं बच्चे
नहीं संभाल सकती और उसने बजाय दारमान जमा
करवाने के किसी यदीने में जमा करवा दी थी।
उसने उनकी जिंदगी जो है वो खत्म कर दी और
उन्हें जिबा कर दिया।
बिस्मिल्लाह रहमा रहीम। अस्सलाम वालेकुम
नाजरीन आप देख रहे हैं ए न्यूज़ और मैं
हूं बिलाल जफर नाजरीन गुस्ता दो रोज पहले
इरा में एक बहुत अफसोसनाक वाकया पेश आता
है और उसके बाद पता लगता है कि सखी मां जो
है वो अपने बच्चों की कातिल निकली तो आज
मेरे साथ सीनियर क्राइम रिपोर्टर और
इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट नईम हनीफ साहब
मौजूद है तो इनके पास कुछ ताजा तरीन
अपडेट्स हैं। तो इनसे जानते हैं कि इस औरत
का आगे क्या होगा? इसके खावंद के साथ क्या
सलूक किया जाएगा? ये तमामतर बातें आप तक
पहुंचाते हैं। सलाम वालेकुम सर
वालेकुम सलाम। साहब बहुत अफसोसनाक वाकया
हुआ। आपने भी देखा पूरी दुनिया ने देखा।
आप सबसे पहले क्या कहना चाहेंगे इस?
जाहिर है कि हम सबके बच्चे हैं और बड़ी
तकलीफ दे बात है और इतना ये हौलनाक और
खौफनाक वाकया है और सबसे बढ़कर ये है कि
ये इस तरह का क्राइम है कि इसको कैसे
कंट्रोल किया जा सकता है कि जब एक मां से
उसके बच्चे महफूज़ नहीं है और एक तो वो
किसी मर्द के नशे में थी और मुझे लगता है
दूसरे नशे में भी थी और उसने उस हालत में
जो है बच्चे जिबा कर दिए। इतला यह है कि
केस जो है वह अब पुलिस से सीसीडी के हवाले
कर दिया गया है और अब इस खातून के साथ
सीसीडी क्या करती है ओपन एंड शड केस है और
वो मान रही है अपना जुर्म और किस वजह से
कत्ल किया वो सब एतराफ कर चुकी है। अब
सीसीडी जो है ऐसी औरत को भी इबरत का निशान
बनाती है जैसे बहुत सारे दूसरे क्रिमिनल्स
को और कातिलों को डकैतों को बनाती रही है।
ये अब एक इम्तिहान है सीसीबी का। अब यहां
पे औरत कार्ड खेलना शुरू कर देते हैं और
ऐसी औरत के लिए औरत कार्ड खेलेंगे जो अपने
तीन नन्हे बच्चों को जिनका कोई कसूर ही
नहीं है। जो मासूम फरिश्ते हैं उनको जिबा
कर देती है इस बर्बरीयत के साथ तो मेरा
नहीं ख्याल के ये जो है वो बचेगी अगर इस
तरह नहीं होता तो फिर सजाए मौत पाएगी।
नहीं साहब आप बड़े बा खबर जर्नलिस्ट हैं।
आपके पास एक-एक चीज मौजूद होती है और हम
खुद अक्सर आपकी चीजें आपके इंटरव्यूज देख
रहे होते हैं। तो क्या समझते हैं कि इसने
किसी बंदे के इश्क में ये सब कुछ किया है।
नशे की कंडीशन में ये सब कुछ किया है।
अपने बच्चों पे छुरी लगा देना छुरी उसके
गले पे रख के चला देना कोई आम बात नहीं
है।
जी बिलाल साहब ये दोनों है। दोनों काम है
इसमें। इसमें जो है ना एक मर्द का नशा भी
है और उसके साथ आइंदा जिंदगी गुजारने के
अहदो पैमा भी है और ये उस और अभी वो अभी
अपनी तफ्तीश में तो कह रही है कि मैं
इसमें अकेली हूं मगर उस शख्स ने ये कहा कि
उसको बच्चे नहीं चाहिए। जब अपने ससुराल
बच्चे पुराने ससुराल बच्चे फेंकने गई है।
उन्होंने बच्चे लेने से इंकार कर दिया।
अपने जो है ना वो मायके को कहती है वो
बच्चे नहीं संभाल रहा। अब मां एक वाहिद वो
हस्ती थी कि जिसने उन बच्चों की परवरिश
करनी थी और उनको दो वक्त की रोटी खिलानी
थी। लेकिन मां जो है ना दिल बर्दाश हुई।
उसने कहा मैं बच्चे नहीं संभाल सकती और
उसने बजाय दारुमान जमा करवाने के किसी
यतीमहाने में जमा करवा देती। किसी ऐसे
इदारे में बच्चों को जमा करवा देती। उसने
उनकी जिंदगी जो है वो खत्म कर दी और
उन्हें जिबा कर दी।
कर साहब आखिर में ऐसी खवातीन के बारे में
आप क्या पैगाम देंगे जो अपने बच्चों की
जान तक ले लेती है और उनको तरस भी नहीं
आता। और जिस वक्त पुलिस को स्टेटमेंट देती
है नाजरीन नम साहब ने एक बहुत बड़ी बात यह
की है कि यह केस सीसीबी के सुपुर्द कर
दिया गया है। तो इसके बारे में हम लोग और
बात करते हैं कि जिस वक्त ये वाकया करने
के बाद वो पुलिस के हवाले की जाती है और
बड़ी कॉन्फिडेंट बाकायदा तौर पे झूठ बोल
रही होती है। आपने भी वो सारी चीजें देखी
होंगी। तो आप ऐसी औरतों को क्या पैगाम
देंगे? देखिए ये जो खातून है जिसने अपने
तीन बच्चे जिबा किए हैं। ये तो जो औरत का
एक मुकद्दस रुतबा है उसके माथे पे कलंक का
टीका है। और ये तो कलंक बन गई है औरत के
नाम पे और जाहिर है कि हम इस एक औरत
पे उन तमाम औरतों को जो है ना वो नहीं दे
सकते तशबीह। ये है कि इसको कैफे किरदार तक
पहुंचना चाहिए और इबरत का निशान बनाना
चाहिए और सीसीडी बिल्कुल इस केस में तो
मैं कहूंगा सीसीडी अपने स्टाइल में काम
करे और हम जो है सीसीडी के एक जिसको कहते
है ना कि सख्त इदाम के साथ है बतौर मीडिया
बतौर मीडिया बहुत शुक्रिया नम साहब आपने
हमें टाइम दिया सीनियर सहाफी का कहना है
कि सीसीडी का किरदार जो है इस वक्त देखा
जाएगा उनकी जो एक्टिविटीज जिन पे लोग
तनकीद करते हैं कि अपने ही साथियों की
फायरिंग से अलाक हो गया इस केस के ऊपर
सीसीडी को अपना किरदार अदा करना होगा।
मिलते हैं नए टॉपिक नई स्टोरी के साथ। तब
तक के लिए इजाजत दीजिए। अल्लाह हाफ।
हां
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यह वीडियो एक दिल दहला देने वाली घटना का वर्णन करता है जहाँ एक माँ ने कथित तौर पर अपने तीन बच्चों को मार डाला। वीडियो में एक सीनियर क्राइम रिपोर्टर, नईम हनीफ, इस मामले पर चर्चा करते हैं, यह बताते हुए कि महिला संभवतः नशे की हालत में थी और उसने अपराध स्वीकार कर लिया है। मामले को पुलिस से सीसीडी (Counter Terrorism Department) को सौंप दिया गया है, और यह उम्मीद की जाती है कि सीसीडी इसे एक उदाहरण बनाएगा। रिपोर्टर इस बात पर भी जोर देते हैं कि महिला के कार्यों ने महिलाओं के पवित्र दर्जे पर एक धब्बा लगाया है और उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। वीडियो इस बात पर प्रकाश डालता है कि किस तरह ससुराल और मायके दोनों ने महिला को बच्चों के साथ स्वीकार करने से इनकार कर दिया, जिससे वह हताश हो गई।
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