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The Cold War Secret That Was Buried for Decades | America's Most Controversial Secret Document

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The Cold War Secret That Was Buried for Decades | America's Most Controversial Secret Document

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412 segments

0:02

शहर ने तारीकी की चादर ओढ़ रखी है। खामोशी

0:05

का राज है। थोड़ी-थोड़ी देर बाद किसी

0:07

गाड़ी के गुजरने की आवाज आती है और फिर

0:10

खामोशी छा जाती है। दुनिया सो चुकी है मगर

0:13

जासूस जाग रहे हैं। बाजार बंद है लेकिन

0:15

शहर के कोने-कोने में खुफिया ऑपरेशंस हो

0:18

रहे हैं। जिस वक्त यह खुफिया ऑपरेशंस हो

0:20

रहे थे, इसी दौरान एक बड़ी पेशरफ्त होने

0:23

वाली थी। दारुल हुकूमत के अहम तरीन इमारत

0:26

के करीब एक गाड़ी आकर रुकी। एक लंबा तरंगा

0:29

आदमी गाड़ी से बाहर आया। शनाख छुपाने के

0:31

लिए सर झुकाकर दबे कदमों इमारत की तरफ

0:34

बढ़ने लगा। स्ट्रीट लाइट्स की धीमी रोशनी

0:36

में उसे अचानक एक साया दिखा। इसका ज़हन

0:39

फ्रीज हो गया। वो समझ गया इसे फॉलो किया

0:41

जा रहा है। इसने बेल्ट में लगी पिस्टल पर

0:43

हाथ रखा और पीछे मुड़कर देखा। मगर वहां

0:46

कोई नहीं था। इमारत के बिल्कुल करीब

0:48

पहुंचकर उसने एक आखिरी बार इधर-उधर नजरें

0:50

दौड़ाई और फिर मुतमाइन होकर अंदर दाखिल हो

0:53

गया। वहां एक शख्स पहले से उसका मुंतज़िर

0:55

था। वक्त बहुत कम था। था। वह फौरन काम की

0:58

बात पे आए। उस आदमी ने अपने ओवरकोट की जेब

1:00

से एक फाइल निकाली और सारे कागजात मेज पर

1:02

फैला दिए। उन कागजात में उसकी महीनों की

1:05

मंसूबाबंदी का निचोड़ था। यह एक हमले की

1:07

तफसीली प्लानिंग थी। दहशतगर्दी का ऐसा

1:09

वाकया जिसकी गूंज दुनिया के हर कोने तक

1:12

सुनी जानी थी। क्योंकि यह कहीं और नहीं

1:14

बल्कि दुनिया की ताकतवर तरीन सुपर पावर

1:17

अमेरिका की सरजमी पर किया जाना था।

1:24

[संगीत]

1:26

अमरी सरजन और दहशतगर्दी। ये दो लफज़ सुनते

1:29

ही आपके ज़हन में ओसामा बिन लादिन की

1:31

तस्वीर आई होगी। लेकिन नहीं यह मंसूबा

1:33

हजारों मील दूर कंदार के पहाड़ों में नहीं

1:36

बल्कि अमेरिकी अंपायर के पाए तख्त

1:38

वाशिंगटन में बनाया गया था। यानी अलकायदा

1:40

और तालिबान वाशिंगटन तक आ गए थे। नहीं।

1:43

आखिर यह दोनों अफराद कौन थे? कैसे दुनिया

1:46

की ताकतवर तरीन एजेंसी सीआईए की नाक के

1:48

नीचे ऐसा मंसूबा बना रहे थे? तो आइए इस

1:51

राज से पर्दा उठाते हैं। डिस्क्लेमर दे

1:53

दूं कि यह वीडियो देखने के बाद कुछ तारीखी

1:55

वाक्यात से मुतालिक जो आपके प्री

1:57

एकिस्टिंग बिलीव्स हैं वो बिल्कुल तब्दील

2:00

हो जाएंगे। शायद आप थोड़े से पैरानॉइड भी

2:02

हो जाए। तो भाई वीडियो अपने रिस्क पर

2:04

देखिएगा।

2:05

वी मस्ट गार्ड अग्विजिशन

2:09

ऑफ़ अनंटेड इनफ्लुएंस वेदर और अनसॉट बाय द

2:13

मिलिट्री इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स।

2:22

1950 का जमाना था। दूसरी जंग अजीम के

2:25

इत्तहादी सोवियत यूनियन और अमेरिका अपने

2:28

मुश्तका दुश्मन पे फतह हासिल करने के बाद

2:30

आलमी ताकत के हुसूल के लिए आमने-सामने

2:32

खड़े थे। सालों से जंग अज़ीम की तपिश में

2:35

झुलसने वाली दुनिया अब एक सर्द जंग की

2:38

गिरफ्त में थी। यह कोल्ड वॉर के उरूज का

2:40

जमाना था। विद अस और अगेंस्ट अस की पॉलिसी

2:43

राय थी। वो नहीं जिसका जिक्र मुशर्रफ करता

2:46

था बल्कि एक ऐसी पॉलिसी जिसमें रियासत

2:48

क्लाइंट स्टेट बनकर दोनों में से किसी एक

2:51

सुपर पावर की ताबे चलती। खून रेजी अब भी

2:54

जारी थी। लेकिन अब अफवाज की बजाय एक दूसरी

2:56

की प्रॉक्सीस को लड़ाया जाता। सुपर पावर्स

2:59

के सुपर खुफिया इदारे हुकूमतों के तख्ते

3:02

उलटते और अपने मनपसंद प्रॉक्सी को इख्तदार

3:04

में बिठा रहे थे। दूसरी जंग अजीम के खत्म

3:07

होते ही अमेरिकियों ने नॉर्थ और साउथ

3:09

अमेरिका की हर रियासत में अपना मनपसंद

3:12

डिक्टेटर लगा लिया। इसके इख्तेदार का

3:14

तहफुज अमेकियों की जिम्मेदारी थी। बशर्त

3:17

यह वो कम्युनिस्ट अनासिर को जालिमाना

3:20

हथकंडों के जरिए कुचलता जाए। कम्युनिज्म

3:22

का खात्मा अमेकियों का वाहिद इंटरेस्ट

3:24

नहीं था बल्कि साथ ही अमेरिका इनकी नेशनल

3:27

वेल्थ और इंडस्ट्रीज पर भी काबिज था। सर्द

3:30

जंग की तपिश हर गुजरते दिन के साथ बढ़ती

3:32

जा रही थी। चंद रियासतों में अमेरिकी पपे

3:35

डिक्टेटर्स के कम्युनिस्टों के खिलाफ सख्त

3:37

क्रैक डाउन के बावजूद बगावत बढ़ती जा रही

3:40

थी। ऐसी ही एक रियासत थी क्यूबा।

3:48

1952 में अमेरिकन सरपरस्ती के साथ

3:50

डिक्टेटर बटिस्ता इख्तदार में आया और

3:52

इलेक्शंस पे पाबंदी लगाई। लेकिन जल्द ही

3:55

अंडरग्राउंड तहरीकों ने इसके खिलाफ

3:57

मुज़ामत का आगाज किया। इंकलाब तेज आंच पे

4:00

पकने लगा। 8 जनवरी 1959 का सूरज तुलू हुआ

4:04

तो सरमायादार अमरीकी अपने नरमो मुलायम

4:06

बिछौनों में आराम फरमा रहे थे और क्यूबा

4:09

में सोशलिस्ट आवामी इंकलाब आ चुका था।

4:12

इंकलाबी मुहिम की सफे-अवल में खड़ा क्यूबन

4:14

सिगार सुलगाता हुआ यह आदमी क्यूबंस का

4:17

मसीहा फीडल कास्ट्रो था।

4:24

जहां हवाना में बटिस्टा रिजीम का तख्ता

4:27

उलट करके फीडल कास्ट्रो ने इख्तदार संभाला

4:29

तो दूसरी तरफ वाशिंगटन में खतरे की

4:32

घंटियां बजने लगी। सोवियत रुझान रखने वाले

4:34

लेफ्टेस्ट कास्ट्रो की आमद ने अमी एंपायर

4:37

के तसल्लुत को चोट पहुंचाई थी। उनका ख्याल

4:40

था कि कास्ट्रो के लवों के दरमियान क्यूबन

4:42

सिगार के तंबाकू की तरह अमरीकी एंपायर भी

4:45

राख हो जाएगा। वो अमेरिका जिसने ईरान जैसे

4:48

दूरदराज मुल्क को सोवियत रुझान से पाक

4:50

करने और अपना तसल्लुत कायम करने के लिए एक

4:52

कु कराया था। वही अमेरिका अपने साहिल से

4:55

90 मील दूर एक नन्ही रियासत को

4:57

कम्युनिस्टों के हाथों में जाने से रोक ना

5:00

पाया। पूरी अमेरिकी मशीनरी हरकत में आई।

5:03

क्यूबा में अपने एसेट्स को एक्टिवेट किया।

5:06

लेकिन इससे पहले वह तदवीरों को अमल में

5:08

लाते कास्ट्रो ने अपना वार कर दिया।

5:10

कास्टो ने अमेकी एसेट्स को अमेरिकन कंपनीज

5:13

से लेकर क्यूबा की मल्लकियत में मुंतकिल

5:16

कर दिया। इंडस्ट्री को नेशनलाइज कर दिया।

5:18

क्यूबन आवाम का इस्तेसाल करने वाली

5:20

कंपनियां जो सालों से बटिस्टा के आशीर्वाद

5:23

के साथ ऑपरेट कर रही थी इन्हें निकाल बाहर

5:26

किया। निजाम के बाद सरमाया भी अमेरिका के

5:28

ग्रिफ्ट से जा चुका था। और फिर अमेरिका को

5:30

इंटेलिजेंस मिली कि सोवियत यूनियन क्यूबा

5:33

में अपनी मिलिट्री बेससेस कायम करने जा

5:35

रहा है। यानी अगर ऐसा हुआ तो नजरिया

5:37

कम्युनिज्म के साथ दुश्मन अजीम भी अमेरिकन

5:40

सोयल से 90 मील दूर आ पहुंचेगा। यह

5:42

[संगीत] रूस की जीत और अमेरिका की बदतरीन

5:44

हार थी। अगर यह नाकाफ़ था तो कास्ट्रो की

5:46

देखादेखी कि लैटिन अमेरिका में कम्युनिस्ट

5:48

बागी तहरीकों की कार्रवाइयों में इजाफा

5:51

होने लगा। समझ से बाहर था इस मुसीबत से

5:53

कैसे निपटा जाए। कास्ट्रो को कुचलना जरूरी

5:56

था। क्यूबा को रिक्लेम करना लाजिम था।

5:58

अमेरिकियों के सामने एक प्रॉब्लम थी जिसे

6:00

हल करना था। द क्यूबा प्रॉब्लम।

6:04

[संगीत]

6:10

इस प्रॉब्लम को हल करने के लिए अमेरिका ने

6:12

इदामात लेना शुरू किए। सबसे पहले तो

6:15

क्यूबा पे एंबार्गो लगा दिया। अमेरिकी

6:17

एक्सपोर्ट्स बंद कर दी। क्यूबा मेनली चीनी

6:19

एक्सपोर्ट करता था और अमेरिका ने मशत की

6:22

कमर तोड़ने के लिए चीनी लेना बंद कर दी।

6:24

अमेरिका के हटते ही सोवियत यूनियन ने

6:26

क्यूबा से चीनी लेना शुरू कर दिया।

6:28

अमेरिकियों की हर चाल बैकफायर कर रही थी।

6:31

कास्ट्रो और सोवियत में दूरी की बजाय मजीद

6:34

कुर्बत बढ़ रही थी। अमेरिकी डीप स्टेट एक

6:36

क्राइसिस में फंस चुकी थी। मंसूबे बनने

6:39

लगे। खतरनाक मंसूबे। कास्ट्रो का तख्ता

6:42

उलटने और क्यूबा में इंतशार फैलाने के

6:45

मंसूबे। वो सदर आइसन हावर के इख्तेदार का

6:48

आखिरी जमाना था। और जाते-जाते अपने बंदा-ए

6:50

खास को जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी का

6:53

चेयरमैन लगा गए। यह ओहदा ऐसा ही है जैसा

6:55

हमारे यहां आर्मी चीफ का होता है। चेयरमैन

6:58

बनने वाला यह जनरल हमारी कहानी में बहुत

7:00

अहम है। इसको याद रखिएगा। इसका नाम था

7:03

लाइमेन लेमनेटसन।

7:07

इलेक्शंस हुए और अमेरिकी सदर जॉन एफ

7:10

केनेडी ने वाइट हाउस का चार्ट संभाला। एंड

7:12

सो माय फेलो अमेरिकन

7:15

आस्क नॉट

7:17

योर कंट्री कैन डू फॉर यू आस्क यू कैन डू

7:21

फॉर योर कंट्री

7:23

और कैनेडी की हुब्बल वतनी तकारीर तक महदूद

7:26

नहीं थी। अभी वाइट हाउस में आए आठ दिन ही

7:28

गुजरे थे कि कनेडी ने एक खास इजलास

7:31

बुलाया। इसमें हसास इदारों के डायरेक्टर्स

7:33

के साथ टॉप अमेकी जनरल भी मौजूद थे। वहां

7:36

कैनडी ने क्यूबा प्रॉब्लम हल करने के लिए

7:38

राय मांगी और सीआई के डायरेक्टर ने अपना

7:41

प्रपोजल सामने रखा। उसने कहा कि हम एंटी

7:43

कास्ट्रो क्यूबन बागी तैयार करेंगे और फिर

7:46

इनके जरिए क्यूबा में कास्ट्रो की हुकूमत

7:48

का तख्ता उलटाएंगे। कैनडी इसके हक में

7:50

नहीं था। कैनडी जब इख्तेदार में आया तो

7:53

सिक्योरिटी एस्टैब्लिशमेंट के साथ

7:54

ताल्लुकात अच्छे नहीं थे। ताल्लुकात को

7:56

बेहतर करने के लिए इसने डायरेक्टर सीआईए

7:59

को ग्रीन सिग्नल दे दिया और यूं ऑपरेशन

8:01

ज़पाटा का आगाज हुआ।

8:07

[संगीत]

8:09

सीआईए के असासे हरकत में आए। कास्ट्रो की

8:12

आमद के साथ जो एंटी कास्ट्रो जंगजू

8:14

अमेरिका चले आए थे इन्हें राउंड अप किया

8:16

गया। सीआईए ने पड़ोसी मुल्क गोएटे माला की

8:19

चोटियों पे इनके तरबियती कैंप्स बनाए। यह

8:21

वही मुल्क था जहां कुछ अरसे पहले सीआईए ने

8:24

कम्युनिस्ट बगावत कुचलकर अपना मनपसंद

8:27

डिक्टेटर लगाया था। अगले चंद महीनों में

8:29

सीआईए ने 1500 बागियों की मिनी आर्मी

8:31

तैयार की। इस ग्रो को ब्रिगेड 2506 का नाम

8:35

दिया गया और फिर 17 अप्रैल 1961 के दिन

8:38

ब्रिगेड 2506 ने क्यूबा के एक जजीरे पे

8:42

हमला कर दिया।

8:47

लेकिन सिर्फ चंद घंटे पहले कास्ट्रो को इस

8:49

मंसूबे का पता चल गया था। उसने अपनी

8:51

फोर्सेस को मुनज्जम किया। जब बागियों ने

8:54

अटैक किया तो वह पहले से तैयार थे। कई

8:56

बहरी जहाजों को साहिल पे आने से पहले ही

8:58

तबाह कर दिया गया। एक हौलनाक जंग का आगाज

9:01

हुआ। 3 दिन की खून रेजी के बाद बागियों ने

9:04

शिकस्त तस्लीम कर ली। इस शिकस्त की बड़ी

9:06

वजह यह थी कि ऐन मौके पर अमेरिका ने फैसला

9:09

किया कि बागियों को एयर कवर ना दिया जाए।

9:11

सहाफी जेम्स बैंफोर्ड अपनी किताब बॉडी ऑफ

9:14

सीक्रेट्स में लिखते हैं कि सीआईए को

9:16

मालूम था कि आवाम में से बागियों का साथ

9:18

कोई नहीं देगा। लेकिन इसके बावजूद वो इस

9:21

एडवेंचर से बाज ना आए। सर जंग में अमेरिका

9:24

को एक बार फिर रूस से शिकस्त का सामना

9:26

करना पड़ा था। शिकस्त के बाद कास्ट्रो को

9:28

बड़े पैमाने पर रूस से फौजी इमदाद मिलने

9:31

लगी। वाइट हाउस में बैठा कैनेडी जो

9:33

बुनियादी तौर पर इस एडवेंचर के हक में था

9:35

ही नहीं। पेंटागॉन और डीप स्टेट ने

9:38

शातिराना खामोशी इख्तियार करके सारी

9:40

जिम्मेदारी जॉन एफ कैनेडी पर ही डाल दी।

9:42

कैनेडी शदीद गुस्से में था। इसने सीआईए के

9:45

डायरेक्टर को चलता कर दिया। लेकिन जिनका

9:48

ख्याल था कि डायरेक्टर के जाने के साथ यह

9:50

एडवेंचर्स खत्म हो जाएंगे, वह गलत साबित

9:52

हुए। क्योंकि अब कैनडी खुद मैदान में उतर

9:55

आया था। फेडरल कास्टो से बदला लेना इसकी

9:57

अना का मसला बन चुका था। आई सेड द टाइम

10:01

डिजास्टर 61 सक्सेस 100

10:08

समथिंग गोज़ वेल मोर टेंडेंसी

10:11

टॉक एट ऑल लेवल्स

10:14

10:15

आई वुड से सिक्योरिटी [संगीत]

10:18

गुड नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल

10:19

अनफॉर्चूनेटली

10:21

केडी ने द क्यूबन प्रोजेक्ट या ऑपरेशन

10:23

मोंगूस के नाम से एक नया प्लान प्रपोज

10:26

किया। यह प्लान सीआईए की बजाय अमेरिकन

10:28

मिलिट्री यानी पेंटागॉन के सुपुर्द किया

10:30

गया। जनरल लेमनेडजर याद है वो इस ऑपरेशन

10:33

को हेड कर रहा था। एक साल के दौरान अनगिनत

10:36

जासूसों को क्यूबा में दाखिल किया गया।

10:38

मास स्केल पर इंटेलिजेंस जमा की। क्यूबा

10:40

में कास्ट्रो के खिलाफ पैसे देकर एहतेजाज

10:43

कराए। सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर और

10:44

इंडस्ट्रीज पर हमला करके नुकसान पहुंचाया

10:47

गया। कास्ट्रो इन चीजों से निपटने में

10:48

मशरूफ था। वह इस बात से बेखबर था कि उसे

10:51

कत्ल करने की खौफनाक साजिश अमल में लाई जा

10:54

चुकी है। अमेरिकन माफिया के जरिए कास्ट्रो

10:56

को जहर देने की भी कोशिश की गई। उसके

10:58

करीबी अफराद की वफादारी खरीद कर उन्हें

11:00

कास्ट्रो को कत्ल करने के लिए अमादा किया

11:02

गया। अनगिनत कोशिशें की मगर ना जाने

11:05

कास्ट्रो की हिफाजत पे कौन से फरिश्ते

11:07

मामूर थे कि एक के बाद एक साजिश नाकाम और

11:11

बेनकाब होती गई। वो एजेंसियां जो दिनों

11:13

में हुकूमतें बनाती और गिराती थी वो

11:16

क्यूबा जैसे मुल्क में पै दर पे नाकाम हो

11:18

रही थी। कास्ट्रो का इ्तेदार मजबूत होता

11:20

जा रहा था। आवाम मुखालिफ क्या होते?

11:22

कास्ट्रो तो मकबूलियत की चोटी पे खड़ा था।

11:28

प्लेस

11:30

आई एम नॉट हैप्पी

11:32

बी ऑन यू।

11:37

अमेरिकी फौज अब डेस्पिरेट हो चुकी थी।

11:39

इससे पहले कि सोवियत यूनियन क्यूबा पर

11:41

मजीद कंट्रोल जमाता, इन्हें क्यूबा

11:44

प्रॉब्लम सॉल्व करनी थी। मगर कैसे? वह

11:46

अपने सारे ऑप्शंस एग्जॉस्ट कर चुके थे।

11:48

दुनिया में इनका मजाक उड़ रहा था। लेकिन

11:51

एक तरीका था इस सिचुएशन को अपने हक में

11:54

पलटने का। कहते हैं ना जब हाथ में हथोड़ा

11:56

हो तो मसाइल कीलों की तरह दिखते हैं।

11:58

अमेरिकी मिलिट्री के पास अपनी मिलिट्री

12:00

माइट की सूरत में एक हथोड़ा था और क्यूबा

12:03

एक इंतहाई ढीठ कील की तरह दिख रहा था।

12:06

हथोड़े और कील के फार्मूले पर अमल करते हुए

12:08

अमेरिकी अफवाज के चारों चीफ एक फैसले पर

12:10

पहुंचे कि अब क्यूबा में पूरी कुत के साथ

12:13

फौजी जवानों के जरिए हमला किया जाए। लेकिन

12:16

यहां एक और मसला था। वो जानते थे कि

12:18

अमेरिकी आवाम इस डायरेक्ट अटैक को हरगिज़

12:21

सपोर्ट नहीं करेंगे। कुछ ऐसा करना था कि

12:23

आवाम सपोर्ट से बढ़कर फौज के शाना-बशाना

12:26

खड़े हो जाएं। अमेरिकी मिलिट्री मशीन के

12:28

शातिर तरीन अफराद यानी जॉइंट चीफ्स को एक

12:31

सेल्स पिच तैयार करनी थी। यह एक अनोखी पिच

12:34

थी। इत्तेहादी रियासतों को फौजी टैंक्स

12:36

बेचने की नहीं बल्कि अपनी आवाम को जंगो जद

12:39

बेचने की।

12:44

पेंटागॉन की इमारत के एक खास कमरे में

12:47

अमकी फौज के जॉइंट चीफ सर जोड़े बैठे हैं।

12:50

इस कमरे को दी टैंक कहा जाता है। पेंटागॉन

12:52

जहां अमीरकी सिविलियंस के खिलाफ हर खतरे

12:54

और हमले को नाकाम बनाया जाता है। वो इदारा

12:57

जिसे आवाम को तहफुज़ देने के लिए टैक्स

12:59

पेयर की खतीर रकम दी जाती है। आज वहीं पर

13:02

अमकी शहरियों को एक जंग बेचने का प्रपोजल

13:05

तैयार हो रहा था। बिल आखिर जॉइंट चीफ की

13:07

मीटिंग मुकम्मल हुई। एक प्लान पे इत्तेफाक

13:10

राय हुई। जनरल लेमनेडजे समेत चारों चीफ ने

13:14

साइन करके इस ऑपरेशन पर मोहर लगा दी। इतनी

13:17

मक्कारी से इस ऑपरेशन की मंसूबाबंदी की गई

13:20

थी कि इसे देखकर इब्लीस भी शर्मा जाए और

13:22

फिर प्रोसीजर फॉलो करते हुए ऑपरेशन नॉर्थ

13:25

वुड्स की फाइल डिफेंस सेक्रेटरी रॉबर्ट

13:27

मैकनमारा के हवाली की गई। इस ऑपरेशन को

13:29

लॉन्च करने के लिए अब सिर्फ अमकी सदर का

13:31

दस्तखत चाहिए था और रॉबर्ट मैकनारा ऑपरेशन

13:34

की फाइल लिए वाइट हाउस चल दिए। यहां हमारी

13:37

कहानी डॉक्यूमेंट्री के आगाज से जुड़ जाती

13:39

है। आगाज में जिन दो अफराद की मीटिंग हुई

13:41

थी, वह कोई और नहीं बल्कि अमेरिकी सदर जॉन

13:44

एफ केनेडी और डिफेंस सेक्रेटरी मैकनमारा

13:47

थे। जी हां, बेफिक्र रहें। एग्जाजरेट नहीं

13:50

कर रहा था। मैंने बिल्कुल ठीक कहा था। इस

13:52

फाइल में अमेरिका के अंदर दहशतगर्द हमले

13:54

करने का मंसूबा बताया गया था। और यह

13:56

मंसूबा केजीबी का नहीं बल्कि अमेरिकी

13:58

जॉइंट चीफ का ब्रेन चाइल्ड था। इस मंसूबेब

14:01

के मुताबिक वाशिंगटन और मियामी जैसे बड़े

14:03

शहरों में प्लास्टिक बम्स फाड़े जाते और

14:06

लोगों को जख्मी किया जाता। फिर पहले से

14:08

तैयारशुदा डॉक्यूमेंट्स के तहत कुछ लोगों

14:10

को गिरफ्तार किया जाता और क्यूबा के खिलाफ

14:12

राय हमार करने के लिए इन्हें क्यूबन

14:14

इंटेलिजेंस एजेंट बताया जाता। साथ ही

14:17

क्यूबा से जो पनगुजीन अमेरिका आ रहे थे

14:19

उनकी कश्तियों पर हमले किए जाते और इसकी

14:21

जिम्मेदारी भी क्यूबंंस पर डाल दी जाती।

14:23

सिर्फ यही नहीं फौजी तनसीबात को भी निशाना

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बनाया जाता। ग्वताना मूवी में मौजूद अमकी

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नेवल शिप को तबाह कर दिया जाता। अपनी ही

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तसीबात को बम मार के नुकसान पहुंचाया

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जाता। सिर्फ यही बस नहीं होती बल्कि एक

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मनगढ़ंत सानि का बताया जाता जिसके मुताबिक

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अमकी पैसेंजर प्लेन को फिजा में तबाह करने

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के बाद इसकी जिम्मेदारी भी क्यूबा पे डाल

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दी जाती। अगर यह नाकाफी साबित होता तो

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दुनिया को बताया जाता कि क्यूबन प्लेेंस

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ने बैनल अकवामी हुदूद में मौजूद अमरीकी

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जहाजों पे हमला करके इन्हें गिराया। जी

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हां, यह था ऑपरेशन नॉर्थव्स। और यह सब

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सिर्फ इसलिए किया जा रहा था ताकि

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इंटरनेशनल फोरम्स और अपनी आवाम के सामने

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क्यूबा पर डायरेक्ट हमला करने और फीडल

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कास्ट्रो की हुकूमत को गिराने का जवा

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सामने रखा जा सके। जाहिर है जब अमकी आवाम

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का जानी नुकसान होता और पूरी दुनिया

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क्यूबा को इसका जिम्मेदार ठहराती तो वह

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अपनी मिलिट्री से क्यूबा पे हमला करने की

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डिमांड करते। वाशिंगटन की शाहाना कोठियों

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में बैठे मक्कार, जर्नलों की अना को

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तस्कीन पहुंचाने के लिए अनगिनत क्यूबंंस

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और अमेरिकनंस मारे जाते हैं। यह था ऑपरेशन

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नॉर्थ वुड्स का खुलासा। हां, रियल

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पॉलिटिक्स के ऐतबार से बात करें तो मंसूबा

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बेहतरीन था। इंटरनेशनल लॉ के मुताबिक

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क्योंकि क्यूबंस ने अमेरिका पे हमला किया

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था तो रूस भी कुछ ना कर पाता और कास्ट्रो

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को भी तख्त से तख्त तक पहुंचा दिया जाता।

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और जानते हैं ऑपरेशन नॉर्थवुड्स कभी नहीं

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हुआ। कैनडी ने यह मंसूबा रिजेक्ट कर दिया।

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मोहरन कहते हैं अगर वाइट हाउस में कैनडी

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की बजाय नसन मौजूद होता तो तारीख किसी और

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तरह लिखी जाती। कैनडी जर्नलों के अज़ाइम के

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सामने किसी आहानी दीवार की तरह डटकर खड़ा

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हो गया। लेकिन किस्मत की सितम जरीफी देखिए

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कि सिर्फ डेढ़ साल बाद इसे इंतहाई पुरसरार

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तौर पर कत्ल कर दिया गया। इस कत्ल की

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हकीकत दुनिया आज तक नहीं जान सकी। लेकिन

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माहिरीन इसे कनेडी और मिलिट्री के

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इख्तिलाफात और मुसाद से मिलाते हैं। इस पे

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तो एक अलग वीडियो बन सकती है। क्या ख्याल

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है? खैर 1997 में खामोशी से उस ऑपरेशन की

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तफसीलात को डीक्लासिफाई करके पब्लिक

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आर्काइव में डाल दिया गया। लेकिन दुनिया

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को इस बारे में तब पता चला जब जेम्स

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बमफोर्ड ने अपनी किताब बॉडी ऑफ सीक्रेट्स

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में इस राज से पर्दा उठाया।

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बहरहाल 1962 में कास्ट्रो ने अमेरिका के

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जारहाना इख्तदामात देखते हुए रूस को अपने

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न्यूक्लियर वॉर हेयर्स क्यूबन सर जमीन पर

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रखने की इजाजत दे दी। जाहिर है वाशिंगटन

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में कोहराम मच गया। इस वाक्य को दुनिया

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क्यूबन मिसाइल क्राइसिस के नाम से जानती

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है और जानते हैं इस क्राइसिस के दौरान अगर

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कनेडी बीच में आकर अपनी सिफारतकारी के

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जोहर ना दिखाता तो एक न्यूक्लियर जंग छिड़

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जाती। बहरहाल इस क्राइसिस को डिफ्यूज करने

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के लिए जो मुयदा हुआ उसकी एक शख यह भी थी

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कि अमेरिका क्यूबा पे किसी सूरत हमला नहीं

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करेगा। वैसे क्या कररेक्टर था फिडल

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कास्ट्रो का? अपनी हुकूमत बचाने के लिए दो

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सुपर पावर्स को न्यूक्लियर वॉर के दिहाने

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पर ले गया और फिर 2008 में अपनी मर्जी से

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हुकूमत से दस्तरदार होकर अपने भाई को अपनी

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कुर्सी पर बिठा दिया। ऑपरेशन नॉर्थव्स

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मुस्तरद हुए 63 साल गुजर चुके हैं। लेकिन

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आज अमेरिकी रियासत कैनडी की बजाय जॉइंट

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चीफ की पॉलिसी पर अमल करती नजर आती है। और

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शायद एक से ज्यादा मर्तबा मनगढ़ंत वाक्यात

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या फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन के जरिए अमेरिका ने

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दूसरे मुालिक पे हमला किया है। समझने वाले

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मेरी बात समझ जाएंगे। ऑन माय ऑर्डर्स

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यूनाइटेड स्टेट्स [संगीत] मिलिट्री

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स्ट्र्राइक्स

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ट्रेनिंग कैंप्स मिलिटरी इंस्टॉलेशन

17:45

[संगीत]

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ऑफ द तालबन रिजीम अफगानिस्तान आई टेक द

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फैक्ट ही डेवलप्स

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वेप्स डिस्ट्रक्शन

17:56

सीरियसली

18:02

[संगीत]

Interactive Summary

यह वीडियो कोल्ड वॉर के दौरान अमेरिका द्वारा क्यूबा में फीडल कास्ट्रो की सरकार को गिराने की साजिशों और विशेष रूप से 'ऑपरेशन नॉर्थवुड्स' का खुलासा करती है। यह दस्तावेज़ दिखाता है कि कैसे अमेरिकी सैन्य नेतृत्व ने अपनी ही जनता को धोखा देने के लिए अमेरिका में झूठे आतंकवादी हमले करने का प्रस्ताव दिया था, ताकि क्यूबा पर सैन्य आक्रमण का बहाना मिल सके। अंत में, यह वीडियो राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी के इस खतरनाक योजना को अस्वीकार करने और इसके संभावित परिणामों पर प्रकाश डालता है।

Suggested questions

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