Anwar Masood Ny Nazam Suna Kr Sab Ko Rula Dia!!
102 segments
वक्त हुआ है आज के सुपर सुपर मेहमानों से
आपके टैरोट कर हमारी जो पहले मेहमान हैं
ये जो लफ्ज़ है ना सुपर डुपर इनके लिए कुछ
नहीं है इनकी तारीफ के लिए जो कम
जिन्होंने किया है इसके लिए सुपर डुपर
क्या कोई डिक्शनरी में कोई नया लव्स इजाद
करना चाहिए मैच समझता हूं उनके दुनिया के
एक सबसे बड़े और राउंडेड शायर हैं मजहिया
शायरी हूं या संजीदा शायरी हो आपका कोई
सनी नहीं है बल्कि मैं तो ये कहूंगा की आप
मजहिया शायरी के कायदे आज़म हैं आप मजहिया
शायरी के नेल्सन मंडेला है आपकी बहुत सी
तालिया में आप हमारा फक्र है और आज तंज
मजा में आकर आपने इस किसान में इजाफा किया
है आपकी बहुत ही तालिया में दीवाने
थैंक यू
मॉडल भी है और उसके साथ साथ फैशन डिजाइनर
भी है प्लीज वेलकम
तू डी सर सबसे पहले तो इससे ग्रेट ऑनेस्ट
फॉर आस्क की आप यहां तशरीफ़ ले हैं जो
संजीदा शायर होता है वक्त के साथ साथ देखा
यह गया की उसकी संजीत की जो है उसमें
इजाफा होता है तो क्या सर ऐसा मजहिया
शायरों के साथ भी होता है की मिजाज जो है
वक्त के साथ-साथ उनकी बढ़ जाती है मुझसे
किसी ने पूछा था यही सवाल के हान नहीं
बुखारी साहब ने के प्रोफेसर साहब मिजाज
क्या होता है मैं क्या इसमें एक और नुक्ता
दल दो ये मिजाज होता
वह वह
और याद रखिए मैंने अक्सर यह बताया है की
मेरा मक्के की तरह है
मकई जब जलने लगती है तो मुस्कुराने लगता
है
[प्रशंसा]
बड़े नाम नाक से होते हैं अंबर का कहे
तेरे कोई दीवार एक गिरिया है तेरे शहर के
पीछे
[प्रशंसा]
[प्रशंसा]
वालेकुम अस्सलाम
[संगीत]
[हंसी]
हॉट मुस्कुराने का कम करते रहते हैं आंखें
रोने का कम करती रहती है तो मैंने संजीदा
शेर भी बहुत कहे हैं और बाकी लोग तो मेरा
एक शेर है जो ये बल्कि बचपन में मैंने कहा
था बिल्कुल जब मैं एफएम पढ़ता था जो हंसना
हंसना होता है
वह वह
जिंदगी का आपका कोई पहला जो शेर आपने कहा
हो यही है जो आपको सुनाया यह भी सुना
नहीं किया और जो आप मिल गया
मैन को मार के आता है उसे नाम का नाम
bambidi था
गुजरात के पास है कस्बा है कुंज कुंज जी
मा में पढ़ा था
यह वाक्य
[प्रशंसा]
नौ नौ
पार्ट नहीं जाएगी बनाने की फटी हुई
तो वो
मैं स्कूल में पढ़ा था
जब मैं प्रोफेसर नहीं था तो मैं एक स्कूल
टीचर था तो वहां यह बात है अपेश आया था आप
अंदाजा करें बनेन मैंने अभी जिक्र किया है
5 मिनट में लिखी और यह जिसका देख कर आपने
किया है मैं मुझे 10 साल लगे
10 साल लगे और ये मेरे अंदर जो है
परवरिश पाती रही है ना तुम और एक दिन ऐसा
हुआ की यूं लगा जैसे मुझे नजम का रही है
उठो और मुझे लिखो
और जब मैंने बड़ी तो मैं सारी रात रोता
रहा
है अज़ीज़ याद रखो
लड़का है
बशीर जी उसका क्लास फेलो है अकरम
हीरा ज़रा देर से आया है मास्टर उससे
पूछता है तू देर से क्यों आया तो जो वो
बात बताता है वो नजम है आज बड़ी मास्टर
कैमरा आज बड़ी देर ना लाया है
तेरा पिंड दे तेरे नाल स्कूल
अंडे अंधा हलवा ते पुणे
जाएंगे बिरयानी
मैंने ऐसे ही नहीं कहा की आज शायरी के या
शायरों के कायदे आज़म जो हैं वो हमारे पास
मौजूद हैं और इस सादगी से इतनी गहरी बात
ये हमें समझा रहे हैं और ये इस mashrey की
बड़ी khushkismatti है की अनवर साहब जैसे
ग्रेट इंसान जो हैं वो हमें इतने आसान
अल्फ़ाज़ में इतना कुछ समझा रहे हैं बस
हमें समझने की जरूरत है और अगर अनवर साहब
की ही बातों का अगर हमने समझ लिया तो हम
अपने मास्टर के अपने सोसाइटी के वो तमाम
मिसाइल जो है उसको हाल कर लेंगे जो पिछले
70 साल से हम हाल नहीं कर पाए मुझे अपना
एक शेर याद आया
अंदर की सारे बस में सोहन आई है भारी क्या
जानी है ये शख्स हंसते के रुला देगा
[प्रशंसा]
आप देख रहे हैं प्रोग्राम संजू
[प्रशंसा]
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इस वीडियो में प्रसिद्ध शायर अनवर मसूद के साथ एक बातचीत दिखाई गई है, जहाँ वे अपनी मज़हिया (हास्य) और संजीदा शायरी के बारे में चर्चा करते हैं। वे अपने लेखन के सफर, प्रेरणा और जीवन के दृष्टिकोण को सरल और प्रभावशाली अंदाज़ में साझा करते हैं।
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